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प्यारी चिड़ियाँ गुम हुई

Himkar ShyamHimkar Shyam March 21, 2022
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घर आँगन सूना लगे, ख़ाली रोशनदान।

रोज़ सवेरे झुण्ड में, आते थे मेहमान।।


चहक-चहक मन मोहती, चंचल शोख मिज़ाज।

बस यादों में शेष है, चूँ-चूँ की आवाज़।।


प्यारी चिड़ियाँ गुम हुई, लेकर मीठे गान।

उजड़ गए सब घोंसले, संकट में है जान।।


बाग़-बगीचों की जगह, आँगन बिना मकान।

गोरैया रूठी हुई, दोषी ख़ुद इनसान।।


कहाँ गयी वह सहचरी, बच्चों की मुस्कान।

दाना-पानी दें उसे, गूँजे कलरव-गान।।


■ हिमकर श्याम

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