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नहीं चाहिए युद्ध

Himkar ShyamHimkar Shyam February 28, 2022
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लिप्त सभी हैं स्वार्थ मे, लोभ कपट भरपूर।
नफ़रत और विद्वेष ने, किया शांति से दूर।।

उड़ते  श्वेत  कपोत  जब, मंडराते  हैं  गिद्ध।
विश्व शांति की कोशिशें, व्यर्थ हुई हैं सिद्ध।।

घना धुआँ  बारूद का, सभी मार्ग अवरुद्ध।
सारी  दुनिया कह रही,  नहीं चाहिए युद्ध।।

करते बात सिद्धांत की,  रचते  पर षड़यंत्र।
प्रेम  दया  सद्भावना, विश्व शांति का मंत्र।।

अमन-चैन  से  सब  रहें, बन  जायें  इंसान।
रहें न  मन  में  रंजिशें,  बचा   रहे  ईमान।।


~ हिमकर श्याम

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