माँ के जैसा कौन बताएँ's image
Poetry1 min read

माँ के जैसा कौन बताएँ

Himkar ShyamHimkar Shyam May 9, 2022
Share0 Bookmarks 88 Reads1 Likes

दिल की बातें पढ़तीं माएँ

दर्द भले हम लाख छुपाएँ


रहती हरदम साथ दुआएँ 

हर लेती सब कष्ट बलाएँ


नाम कई एहसास वही है

इक जैसी होती सब माएँ 


फीके लगते चाँद सितारे

माँ के जैसा कौन बताएँ


सारी पीड़ा हँस के सहती

कर देती माँ माफ़ ख़ताएँ


माँ का रिश्ता सबसे प्यारा 

रब से ऊपर होतीं माएँ 


ममता का कोई मोल नहीं

कैसे माँ का क़र्ज़ चुकाएँ


■ हिमकर श्याम


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts