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शहर वालों की सादगी देखो (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' August 8, 2022
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मेरी लेखनी मेरी कविता
 शहर वालों की सादगी देखो
(कविता)

लोग ऊंची उड़ान रखते हैं 
हाथ पर आसमान रखते हैं ।

शहर वालों की सादगी देखो,
 अपने मन में मसाल रखते हैं ।।

ऐसी जासूस हो गए मौसम ,
सबकी बातों पैै कान रखते हैं ।।

मेरे हल्के से ठहाके भी 
आंसुओं की दुकान रखते हैं ,

हम सफीने हैं मोम के  पर
दिल में तूफान रखते ।।

हरिशंकर सिंह सारांश   

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