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राष्ट्रभाषा का गौरव न मिट पाएगा (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' April 1, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता
 राष्ट्रभाषा का गौरव न मिट पाएगा
(कविता) भाषा विशेषांक 

राष्ट्रभाषा का गौरव
न मिट पाएगा ।
जो मिटाएगा
बर्बाद हो जाएगा।।
 
जितने हैैं वर्ग शिक्षित
सभी जानते। 
सारी भाषा की जननी
 इसे मानते।।
 
इसका वैभव हमें
 ज्ञान दे जाएगा ।
राष्ट्रभाषा का गौरव
 न मिट पाएगा।।

 ज्ञान सबको दिया
 शिक्षा का फल दिया।
 तूने निर्बल से जीवन को
 संबल दिया।
 
इसकी छाया से
तू ज्ञान पा जाएगा।
 राष्ट्रभाषा का गौरव
 न मिट पाएगा ।।

जो भी आया धरा पर
 उसे पूछ लो ।
उसने जीवन का संचार
 कैसे किया।
 
शब्द सबको मिला 
 उसको पहचान दी
 राजभाषा बनी।
 सब की भाषा बनी।

 ज्ञान का दीप
 कण-कण में जल जाएगा।
 राष्ट्रभाषा का दीपक
न मिट पाएगा ।

हरिशंकर सिंह सारांश 

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