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(कविता) "बीता समय न वापस आता कह गए लोग सयाने

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' February 12, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
"बीता समय न वापस आता कह गए लोग सयाने" (कविता)

बीता समय न वापस आता
कह गए लोग सयाने, 
कभी व्यर्थ ना इसे गवाँना
जाने और अनजाने ।

रावण जैसा शूरवीर भी
भारी गच्चा खाया। 
समय के हाथों मजबूरी में
कुछ भी ना कर पाया ।।

समय का ख्याल किया होता तो
भारत भाग्य उदय होता ,
आवागमन स्वर्ग का देखो
भारत भूमि से होता ।।

समय न देखा दुर्योधन ने
भारी पाप कमाया ,
भाई से छल कपट किया
और सारा राज्य छिनाया ।।
 
समय की देखो चोट लगी तो
 औंधे मुंँह पर आया,
 छोड़ चला गया
 सब कुछ यहांँ पर
कुछ भी काम न आया ।।

महाज्ञानी और नीतिवान
 वो विष्णुगुप्त कहलाए,
 समय का मूल्य उन्होंने समझा
महाज्ञानी बन पाए।।

 होती न समय की कृपा अगर
 वह उतना नहीं सफल होता
समय जरा ना व्यर्थ करो
 तुम जाने और अनजाने।
 
बीता समय न वापस आता
 कह गए लोग सयाने ,
कभी व्यर्थ ना इसे गवाँना
जाने और अनजाने ।

हरिशंकर सिंह सारांश
 

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