कविता (अदाएं)'s image
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मेरी लेखनी, मेरी कविता

"अदाएं "

तेरी हर बात नवाबी है ,

अतिरेक नहीं तुझमें पाया

तेरी हर अदा निराली है ।

चलने पर लगती मधुशाला

तेरी हर बात नवाबी है ।


तू चंचल चितवन की स्वामिन

तू है लोगों का मयखाना ,

हर रंग रूप है दीवाना

मर मिटे तेरा हर परवाना ।

तेरे आने से हो जाए

मौसम हर ओर शबाबी है ।

तेरी हर अदा निराली है ।


संयम के साथ बनाया है

इस सृष्टि के रचियंता ने

जल हो, नभ हो, थल हो,प्यारी

तेरी सौगात निराली है ।

तेरी हर अदा निराली है ।


नैनो से छलके है आभा

तू आशा की चिंगारी है

हर जन मानस, इस दुनिया का

नारी तेरा आभारी है ।

तेरी हर अदा नवाबी है ।

हरिशंकर सिंह सारांश


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