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कल बिछड़ जाएंगे (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' July 17, 2022
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आज जिंदा हैं
 कल गुजर जाएंगे
 कौन जाने
 कब बिछड़ जाएंगे।

 नाराज ना होना
 मेरी शरारती से यार
 यह जो पल हैं
 कल बहुत याद आएंगे ।

हरिशंकर सिंह सारांश 

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