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ज्ञान तो ऐसा अमिट बीज है (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' April 9, 2022
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मेरी लेखनी मेरी कविता 
ज्ञान तो ऐसा अमिट बीज है मिटे नहीं तूफानों में 
(कविता) छात्र विशेषांक

हमको छोटे ना समझो
 हम शिक्षा के परवाने हैं।

 शिक्षा का भंडार किताबें
 हम बैगों में रखते हैं।
 कलम हाथ में
 लेकर हम तो
 अपनी किस्मत लिखते हैं।।

 द्वेष , कपट ,छल पाखंडों से
 हम बच्चे अनजाने हैं
 हमको नादाँ ना समझो
 हम शिक्षा के परवानेहैं।।

 ज्ञान तो ऐसा अमिट बीज है
 मिटे नहीं तूफानों में
उसी ज्ञान को
 निश्चल मन से
हम अपनाने आए हैं।
 हमको नादाँ ना समझो
हम शिक्षा के परवाने हैं।।

हरिशंकर सिंह सारांश   

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