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जीवन है प्यारा सपना (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' April 26, 2022
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मेरी लेखनी मेरी कविता 
जीवन है प्यारा सपना  
(कविता) 

जीवन है प्यारा सपना 
 खट्टे मीठे रंग निराले
कुछ जाने अनजाने वाले
 कभी दूर की कौड़ी लगता। 
कभी लगे है अपना
जीवन है प्यारा सपना ।

कभी प्रीत की चाल सिखाता
कभी दुखों का बोझा लाता
ज्ञानी और महा ज्ञानी
सबको यह पल में अजमाता।
धर्म-कर्म का लेखा जोखा 
हर प्राणी को  सिखलाता  ।
कभी बोझ मानव को लगता 
कभी लगे हैं अपना ।
जीवन है प्यारा सपना ।।

पाप पुण्य जो मानव करता 
जीवन शकल घड़े को भरता ।
सबका सच्चा लेखा-जोखा
सबको पड़ता है भरना ।
जीवन है प्यारा सपना।।


 हरिशंकर सिंह सारांश 


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