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जीभ काट लो उन लोगों की (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' April 6, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता
जीभ काट लो उन लोगों की (कविता)

जीभ काट लो
उन लोगों की
 जो भारत अपमान करें।
 बिन सोचे और बिना ज्ञान के
अपनों का अपमान करें ।  

जो भारत की भूमि को
 दुनिया में बदनाम करें
 बोते बीज ईर्ष्या के
चहुुँओर गरल का काम करें। 
जीभ काट लो
उन लोगों की
 जो भारत बदनाम करें।।

बिन सोचे जो बात करें हैं
 सच्चाई का ज्ञान नहीं।
 धर्म, अधर्म नहीं यह जानें
 परहित का कोई काम नहीं।।

 उन पर तुम पहरा बैठा दो
जो भारत बदनाम करें
 जीभ काट लो उन लोगों
 की जो भारत अपमान करें।।  

अमन चैन की बात न करते
 दुविधा में हैं जीते मरते।
 अच्छाई इनको ना दिखती
 बदनामी का काम करें ।।

जीभ काट लो उन लोगों की
 जो भारत बदनाम करें।।

 हरि शंकर सिंह सारांश 

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