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"हिम्मत अगर हो तो कभी हार नहीं होती"कविता

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' March 6, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
"हिम्मत अगर हो तो कभी हार नहीं होती" (कविता) 

बिना गुलशन के बगिया
 गुलजार नहीं होती,
 हिम्मत अगर हो तो
 कभी हार नहीं होती।।

 आलस्य करने वालों को
 पछताना पड़ेगा, 
पीड़ा का दर्द उठाना पड़ेगा।।

 क्योंकि परिश्रम के बिना
 किसी की जीत नहीं होती,
 हिम्मत अगर हो तो
 कभी हार नहीं होती।।

 लाख बाधा खड़ी हो
 पथ में तो क्या? 
दंश मन में भरा हो ,
तो क्या?

 पार पाने की इच्छा
सदा हो तेरी,
 ऐसे मनुजों से मंजिल
 दूर नहीं होती ।।
हिम्मत अगर हो तो
कभी हार नहीं होती ।।

 मन में विश्वास लेकर
चलने वालों की,
 संँभलकर कदम रखने वालों
की कभी हार नहीं होती।

 हिम्मत अगर हो तो
कभी हार नहीं होती।।

 हरिशंकर सिंह सारांश

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