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"आज कैसे प्रश्न से पाला पड़ा? "कविता"

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' February 24, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
"आज कैसे प्रश्न से पाला पड़ा? "
(कविता)

सच्चा व्यक्ति कौन है?
 यह प्रश्न मुुँह बाँँये खड़ा
आज कैसे प्रश्न से पाला
 पड़ा?

 जो आन पर अडिग है
 संघर्ष में तन कर खड़ा ,
आज कैसे प्रश्न से पाला पड़ा ?

झंझाबतों ,में संकटों में
 अचल है,
 संसार के विघ्नों से
जो डटकर लड़ा ।
आज कैसे प्रश्न से पाला पड़ा?

 जो सदाचारी है, परोपकारी है
विघ्नों से दूर है,
 गुणों से भरपूर है
 दोस्तों का दोस्त है,
 संकटों से डटकर लड़ा। 
आज कैसे प्रसन्न से पाला पड़ा?

 जो सदभावों से भरा हुआ
 आशावान है ,ज्ञानवान है
 गंभीर है ,
सत्य पथ पर
डट कर खड़ा। 
आज कैसे प्रश्न से पाला पड़ा ?

हरिशंकर सिंह सारांश

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