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ज़िंदगी खो गई अंधेरे में कहीं

HarishHarish December 1, 2021
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ज़िंदगी खो गई अंधेरे में कहीं,

पसरा सन्नाटा चारों ओर है

वक्त आवाज़ नहीं देता,

राहें ख़ामोश हैं

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