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'जिस्म' जैसे एक फ़ूल है

HarishHarish December 1, 2021
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'जिस्म' जैसे एक फ़ूल है,

 आख़िर मुरझा जाता है


'क़िरदार' की खुशबू का

 मगर, दौर सदा रहता है

   - हरीश

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