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थक गया हूँ मैं

Harish VidrohiHarish Vidrohi January 15, 2023
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बस बहुत हो गया..,
अब थक सा गया हूँ मैं,

क्यूंकि...?

ना घर में सुकून है,
ना बाहर सुकून है,

ना आँख में नींद है,
ना मन शांत है,

ना अँधेरे से डर है,
ना उजालों की दरकार है,

ना खुद से कोई उम्मीद है,
ना अपनों से कोई आश है,

ना किसी से नाराज हूँ,
ना किसी से परेशान हूँ,

मैं खुद में ही उदास हूँ,
मैं खुद से ही परेशान हूँ,

ना खुद से कोई लगाव है,
ना ज़िन्दगी से कोई प्यार है,

बस बहुत हो गया,
अब थक सा गया हूँ मैं..!!

#स्वरचित :-हरीश विद्रोही 







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