एक हादसा's image
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कल शाम कुछ ऐसा हुआ,
जो पहले शायद कभी नहीं हुआ,
उसे बस थोड़ा सा शक हुआ,
और मै बुरी तरह बिखर गया,

मै कुछ समझा.. कुछ नहीं समझा,
अंत में बस इतना समझा कि ,
जो भी हुआ, शायद सही नहीं हुआ

वो भी रोइ....
मै भी रोया...,
ना रातभर वो सोई,
ना रातभर मै सोया,

रात भर दिल में बेचैनी रही,
कि बेवजह हमने कितना कुछ खोया,
यहीं सोच सोच कर रातभर,
जितना वो रोइ,
उतना मै भी रोया..!

ना रात भर वो सोइ..,
ना रातभर मै सोया..!!

#स्वरचित -हरीश विद्रोही 

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