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तुम और ईश्वर

Gunjan VishwakarmaGunjan Vishwakarma April 14, 2022
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शून्य और अनंत के बीच 
फैले रिक्त स्थानों में
मैंने उकेर दिया मौन संवाद
जो मैंने किया था तुमसे
जब तुम नहीं थे।

और उसके साथ ही लिख दी
वो सारी मौन प्रार्थनाएं
जो की थी मैंने ईश्वर से
जब तुम नहीं थे ।

मैंने देखा
तुम्हारी अनुपस्थिति में 
तुमसे की गई बातें 
और ईश्वर से की प्रार्थनाएं
समान हैं ।

जो मौन की डोर पकड़ कर
उड़ती जा रहीं हैं
एक पतंग के समान
आकाश की ओर ।

और आकाश भर गया है
मेरे मौन शब्दों से ।

इस प्रतीक्षा में 
कि तुम आओगे और 
पढ़ोगे मेरा मौन 
मैं ईश्वर से प्रार्थनाएं करती जा रही हूं ।।




~गुंजन





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