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क्या होता है टूटना

Gunjan VishwakarmaGunjan Vishwakarma March 27, 2022
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झांकते नहीं वो अपने गिरेबां में आजकल

आईने अब उनको खुद से मिलाने आए हैं



वाक़िफ थे हम ज़िंदगी की हक़ीक़त से दोस्तों

क्यों सुनाने वो हमें ज़िंदगी के फसाने आए हैं



जाते हैं बाज़ार वो खुशियों को खरीदने

खुश रहने के भी अब कैसे  कैसे बहाने आए हैं



मेरी गहराईयों की हद वो जानते नहीं

जो मुझको मेरी ऊंचाइयों से गिराने आए हैं



कहते हैं किसे टूटना उन्हें मालूम ही नहीं
 
उनके हाथों में कहां कांच के पैमाने आए हैं।।






~गुंजन






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