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झुर्रियों वाले हाथ

Gunjan VishwakarmaGunjan Vishwakarma March 5, 2022
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ईश्वर की अंगुली छोड़कर 

मैं आई

और आ कर पकड़ लिया तुम्हारा

झुर्रियों वाला हाथ

और सच कहूं

मुझे दोनों में कोई अंतर नहीं लगा ।



ईश्वर ने मेरे हाथों में

दी रेखाएं

जीवन और भाग्य की

जो बदल भी सकती थीं..

पर तुमने खींची अमिट रेखाएं

मेरे हृदय पर

प्रेम और विश्वास की ।



ये विश्वास कि मैं चल सकती हूं

तुम्हारी अंगुली थाम कर

क्षितिज तक

और ऐसा अगाध प्रेम 

कि तुम रहो या कि

न रहो

तुम हमेशा संबल हो मेरा ।



ईश्वर ने दिया मुझे जीवन

पर उसे कैसे जीना है

ये सीखा मैने

तुम्हारे झुर्रियों वाले हाथों को थामने के बाद ।



~गुंजन

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