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मां -पिताजी

Gourav kaseraGourav kasera August 30, 2022
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"मां-पिताजी का यूं बेवजह डांटना बुरा तो लगता है,

उससे भी ज्यादा बुरी उनकी चुप्पी लगती है

उनका खाना खाने के बारे में ना पूछना ,घर देर से आने की वजह ना पूछना, कॉलेज में पढ़ाई कैसी चल रही है यह भी नही पूछना


मुझे यह सभी चीजे डर से भर देती है,

हां हो सकता है की कुछ संतान ऐसी हो जो आजादी महसूस करती होगी, लेकिन मेरे लिए यह सभी डर का कारण है

हो सकता है मुझे रात में नींद भी ना आए,अगर बीच रात झपकी लग भी जाए तो सुबह होने से पहले खुल जाए


में हर उस वजह के लिए माफ़ी मांग लूंगा जिससे आपका दिल दुखा है

इससे हो सकता है की आप मुझसे बोलना बंद ना करें,

मेरी गलतियों पर डांटे,मेरी कामयाबी जा जश्न मनाएं

लेकिन मुझसे रूठ भी जाए तो ,बात करना बंद ना कीजिएगा

आपकी चुप्पी हमे गले में कांटे की तरह चुभती है।"


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