लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि's image
Poetry2 min read

लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि

Gopinath SGopinath S February 24, 2022
Share0 Bookmarks 13 Reads0 Likes

ऐ मेरे वतन के लोगों

ज़रा आँख में भर लो पानी

यह है लता दीदी की कहानी

जिसने हम सब को दी है मधुर वाणी।


इंदौर में जन्मी हेमा

बड़ी हो कर बन गयी लता

माता-पिता, नाना-नानी से प्रेरित हो गयी

संगीत और अभिनय में रुचि दिखाई।


पूर्वज गोवा के मंगेश गांव के निवासी थे

इसलिए इन सबका उपनाम मंगेशकर हो गए

पांच बच्चों में, सब से बड़ी थी

पिता के देहांत के बाद जिम्मेदारी इनकी हो गयी।


तब इनकी उम्र सिर्फ तेरा वर्ष थी

स्कूल भी नहीं जा पाई

अभिनय की रुचि कम हो गयी

संगीत की रुचि बढ़ गयी।


संगीत में निपुण होने के लिए मुम्बई आ गईं

मराठी फिल्मों में गाना शुरू की

हिंदी फिल्म में शुरुवात भजन से हुई

तब से अब तक वो देश की 'गीत रानी' हो गईं।


उनके हर गीत में मन को छू देने वाले गीत थे

उनकी आवाज़ मा सरस्वती की देन लग रही थी

उन्नीस सौ साठ से लेकर दो हज़ार तक वो अव्वल नंबर पर थी

छत्तीस भाषाओं में गीत गा चुकी थी।


हम कैसे भूलें 'प्यार किया तो डरना क्या'

'अल्लाह तेरो नाम' जैसे गीत, हॉ?

'ये मेरे वतन की लोगों', 'कहीं दीप जले',

'आज फिर जीने की तमन्ना है' जैसे गाने?


'इन्ही लोगों ने', 'सत्यम शिवम सुंदरम'

'तेरे बिना ज़िंदगी से कोई' भूल नहीं पाएंगे हम

'सुन साहिबा सुन' और 'जिया जले'

'कुछ ना कहो' जैसे गाने अब तक चले।


लता दीदी ने पुणे में हस्पताल बनवाये

भजन के अनेक एल्बम निकाले

बानवे वर्ष में कितने लोगों को प्रेरित किया हैं

वह सचमुच भारत की अनमोल रत्न हैं।


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts