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चुट्कुले (बॉलीवुड संवाद पे आधारित)

Gopinath SGopinath S July 15, 2022
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हम जमीन पर इतना छेद किए हैं

पता नहीं पौधे कहां डालू और पानी कहां से निकालू।


बापूजी कहते हैं बदमाशी छोड़ दो

मां कहती हैं मनमानी छोड़ दो

दोस्त कहता है झूठ बोलना छोड़ दो

मेरा मन कहता हैं पढ़ाई छोड़ दू

एह सब करके करू क्या?


मुझे मां बाप से डर नहीं लगता हैं जी

मैं covid से डरता हूं।


मेरे पास मां पापा दोस्त गाड़ी रुपए हैं, तेरे पास क्या हैं?

मेरे पास अपना घर हैं।


जहां मैं खड़े होता हूं वही मैं डेरा डालता हूं।


हमारे मोदीजी आयेंगे

विकास लायेंगे।


कितने आदमी थे?

चार, सरकार

एक लड़की और चार आदमी? बहुत ना इंसाफी है चारोंको गोली मार दो

जी, सरकार।


बाबुमोशै, जिंदगी में शांति होनी चाहिए जगड़े नहीं।


एक चुटकी सिंदूर तुम क्या जानो रमेश बाबू?

लोटस ३.८ ml ₹१०३ Amazon पे।


रिश्ते में हम तुम्हारे बाप लगते हैं

तो तू हमारा बेटा हो गया ना।


दोस्ती का एक उसूल होता है

No sorry, no thank you, सिर्फ गिफ्ट ले सकता हूं।


बड़े बड़े देशों में ऐसी छोटी छोटी घटनाएं होते रहते हैं

चिंता मत कर, ठीक हो जायेगा।


तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख सुनती रहे हम

लेकिन मल्ल्या अभी तक भारत नहीं लौटे।


एक और राज्य में जीत हुई

मोगैंबो कुश हुआ।


राहुल नाम तो सुना ही होगा

अब उसको राजनीति से मिटा दो।


फिल्में सिर्फ तीन चीजों से चलते हैं

मनोरंजन, लैंगिक और हिंसा।


मोदी को हराना मुश्किल ही नहीं

ना मुमकिन हैं।


जब एक बार मैं जीत ली तो अपने आप को भी हरा नही सकता।


परंपरा, प्रतिष्ठा और अनुशासन

इस देश की तीन स्तंभ हैं।

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