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ज़िंदगी के पन्ने...

गोपाल भोजकगोपाल भोजक May 7, 2022
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वो सुनहरा वक़्त अब फिर न लौट के आयेगा।

ये कहानी दो दिलो की बन गई इक गीत नया।

किस्सा लम्बा है हमारा वक्त किसी के पास नहीं,

ज़िंदगी के पन्नो पर उसको लिख के छोड़ दिया।

©गोपाल भोजक

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