उतरे न कभी ख़ुमार।'s image
Love PoetryPoetry1 min read

उतरे न कभी ख़ुमार।

गोपाल भोजकगोपाल भोजक April 8, 2022
Share0 Bookmarks 93 Reads0 Likes

चन्द्र कलाओं सा बढ़ता जाये तेरा मेरा प्यार ,

प्रेम पूर्णिमा के बाद भी उतरे न कभी ख़ुमार।

©गोपाल भोजक


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts