टूटे मकां का नाम ताज रख देना।'s image
Love PoetryPoetry1 min read

टूटे मकां का नाम ताज रख देना।

गोपाल भोजकगोपाल भोजक August 26, 2022
Share0 Bookmarks 56 Reads0 Likes


बाद मरने के एक अहसान कर देना,

मेरी माँ का हाथ मेरे सर पे रख देना।

जिस राह से भी वो गुजरी हो कभी,

बस उसी जगह मेरी राख रख देना।

उनकी मौजूदगी का असर इतना है,

मेरे टूटे मकान नाम ताज रख देना।

©गोपाल भोजक

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts