सहरा में बहार's image
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जब से तुम ज़िंदगी मे आ गई,

दिल के सहरा में बहार आ गई।

तेरा हुस्न देख कर तबियत मेरी,

गुल से भरे दरख़्त सी हर्षा गई।


©गोपाल भोजक



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