राम सकल जगत विराजे's image
Love PoetryPoetry1 min read

राम सकल जगत विराजे

गोपाल भोजकगोपाल भोजक April 10, 2022
Share0 Bookmarks 69 Reads0 Likes

कहाँ ढूंढता फिरे तू डोले,

राम तेरे घट-घट में बोले,

राम सकल जगत विराजे,

राम बिना त्रिभुवन अधूरा।

©गोपाल भोजक

#रामनवमी

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts