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जी भर के बतियाओ कभी

गोपाल भोजकगोपाल भोजक December 12, 2021
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हम ही बोले जा रहे है,


जुबां तुम्हारी खामोश है।


घर अपने बुलाओ कभी,


जी भर के बतियाओ कभी।


©गोपाल भोजक


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