गुलशन में बहार आई...'s image
Love PoetryPoetry1 min read

गुलशन में बहार आई...

गोपाल भोजकगोपाल भोजक August 2, 2022
Share0 Bookmarks 39 Reads1 Likes

अब के सावन में ऐसी बरसात हुई,

बाद मुद्दत के उनसे मुलाक़ात हुई।

जब वो मुस्कुराए तो ऐसा लगा

जैसे उजड़े गुलशन में बहार आई।

©गोपाल भोजक



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts