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दर्दे-ए-दिल का मसीहा

गोपाल भोजकगोपाल भोजक September 1, 2021
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मेरे दर्द-ए-दिल के तुम मसीहा हो,

तुझे देखूं तो दिल को शुकुन मिले।

©गोपाल भोजक

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