बचपन...'s image
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आज फिर वो याद आने लगे,

बीते लम्हों के खयाल आने लगे।

वक्त वो याद कर दिल जलता है,

उस रंगीन दुनियां को मचलता है।

बेफिक्री में गुजरते थे दिन सारे,

रातें भी तमाम हसीन होती थी।

न बंदिश थी न कोई रंजिश थी,

बचपन की दुनियां बड़ी हसीन थी।©गोपाल भोजक



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