एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ's image
Poetry1 min read

एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ

girvaani.pranikyaagirvaani.pranikyaa January 17, 2023
Share0 Bookmarks 68 Reads5 Likes

एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ


एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ 


हर किस्सा तुम्हे दिखलाता हूँ 


जीवन की राह पर आज चलना तुम्हे सिखाता हूँ 


एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ 


पंछी का गीत सुनाता हूँ 


अम्बर का चाँद दिखाता हूँ 


फूलों की महक से बुन कर


एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ 


झर -झर बहते झरने का दीदार तुम्हे कराता हूँ 


एक नगमा तुम्हे सुनाता हूँ 


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts