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आसमान पर उमड़ता समंदर

Geeta TandonGeeta Tandon June 12, 2022
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आसमान में
समंदर उठ रहा है
उत्थाल तरंगों से
भर गया है गगन
सफेद बादलों का
झाग फैलता जा रहा है
और उसमें तैरते पंछी
रोशनी में नहा रहे हैं
नीले आकाश की 
अनंत गहराई में 
डूब रहें हैं अनगिनत 
तारे और ग्रह
और मैं 
धरती से आसमान में
छलाँग लगाने के लिए
तैयार हूँ
बस एक संशय 
बार- बार उठ रहा है कि
कहीं आसमान मुझे
धरती पर वापस न लौटा दे!
जैसे समंदर लौटा देता है 
धरती की सारी गंदगी 
फिर किनारों पर।
क्योंकि
मैं अबकी बार
आसमान के इस 
उमड़ते असीमित समंदर की
अनंत गहराइयों में
डूब जाना चाहती हूँ...

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