जिम्मेदारी's image
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क्या बेचकर ख़रीदें तुझे ऐ मुहब्बत 
सब कुछ तो गिरवी पड़ा है ज़िम्मेदारी की बाज़ार में 
जिम्मेदारीकी कोई क़ीमत नही उसका कोई ख़रीदार भी नही
उसका मोल तय कर सके ऐसा जौहरी पैदा ही हुआ नही

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