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खिजां में क्यों झड़ते हैं पत्ते

Gaurav KumarGaurav Kumar December 29, 2021
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खिजां में क्यों छड़ते है पत्ते? गुलों को जाने बहार में क्या होता है? हम अंजान है हमें नहीं मालूम, दिखाओ तो ज़रा देखें प्यार में क्या होता है?


खरीदे बेचे जा रहे हैं दिल यहां हमको सब मालूम है

उनको खबर भी नहीं उनके बाज़ार में क्या क्या होता है?


कौन जाने क्यूं छोड़ता है एक समंदर दूसरे के लिए, क्या मालूम हमे केवट को बीच मझधार में क्या होता है?


दो समंदर के बीच एक कश्ती का खो जाना तो लाज़मी है, चाहे तो ठुकरा दो आपके मेरे इनकार में क्या होता है?


खाओ चोट जो दिल पर तुम तो फिर खाओ लाख दफा,

सबको मालूम है बस एक बार मैं क्या होता है।।


नफ़ानी है तो क्यूं टूट जाता है आईना ए दिल कंकड़ों से,

टूटना, बिखरना और संभालना तो है ज़िन्दगी में, इसके इलावा और प्यार में क्या होता है??

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