संस्कृति's image
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संस्कृति कितना सीधा ,
धूल हटा तब तो दिखे ,
जीवन जिया तब कर्म दिखे ,
बाते नही प्रमाण में देख ,
मेरे संस्कृति का राम देख ।
चेतन चित्त सच्चिदानंद ,
अहम भस्मं सिर्फ ब्राह्मानंद ,
सुख-दुख से परे है परमानंद ,
सत्य पथ , आपदा अभिनंदन ।

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