षड रूप's image
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कौन यहां सरफिरा , कौन अब मौन ,
रिपु का पहचान कठिन कथित तौर पर ,
खुद मैं रहा सन्देहाभास , खुद की आवाज पर ,
मैं ही हूं शैतान , बात जग की दूर ।
बदलाव करता कर्म , नहीं है मर्म जोर ,
गहराई नही मिला , गढ़ता तर्क , झंझोर ,
इस ओर बहता जो , उस ओर बहे अब ,
संतुष्टि किसे मिला बहे राह द्वैत जब ।

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