मैं's image
प्रत्येक चाल मुझसे है जीवन का,
मैं हर बार बाहर डालता गया,
झल झला जैसा भीतर,
मैं बाहर जलाता गया,
समय रहते देखा , बच गया,
खुद के हाथो , खुद का नाश जो कराता गया।


       ~ गणेश मिश्रा

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