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महात्माओ का नमन

गणेश मिश्रागणेश मिश्रा March 10, 2022
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मेरे कुछ प्रिय है , उनसे जुड़ते ही जीवन रीय है ,
विचलन होता चित्त जाये ठहर ले आता गाथा हर ,
उनका ना करु यदि मैं चिंतन तो मुझमें हेय है ,
शब्द से सीढ़ियां बना उनका पड़ा छाया कुछ हुआ मगर ।
ज्ञान का देते शिखर ,
प्रमाण कण कण पर ,
ध्येय जाता निखर ,
अज्ञान दर बदर ।



            ~ गणेश मिश्रा

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