महात्मा गांधी's image
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गांधी जयंती सिर्फ मनोरंजन का काम नहीं,
याद करो उस बुद्ध पुरुष की , अहिंसा , दूरदर्शी,
कितना गहराई में उसने , धर्म का मर्म पिरोया था,
लोक जन के चित्त से वंचित , ऐसा उसमें खोया था।
स्थूल से निहत्था , मनोबल से अनंत बलवान,
बाघ से पहचान मिला , महात्मा , पर विघमान,
गांधी जी कहते हैं जन सब , करते हैं सम्मान।

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