गुरुर's image
दो रास्ते साफ देखा , झूकना और नकारना,
नकारना में हारना , झुकना में समर्थन,
हार के बाद हार है , निरंतरता गुरुर ,
टुटे ना मनोबल , हो के मजबूर।
अभी हारा , एक दम अभी अभी हारा ,
फिर खड़ा हुआ , अभी बना था धूल।
कबूल किया गलती , ना किया ताम झाम ,
प्रमाण जो मिलेगा , उसपे चलना अपने आप।
टुटा-टुटा भीतर का , बल जब अनुभव हो ,
शुरु हुआ दरार , यही क्षण है जकड़ लो।

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