डरता पर करता's image
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डर तो आता है , झूठ नहीं कहता ,
मुझको बोधंता है , चुर चूर कितना ,
इतना आया के खुद चर रहा ,
अब जगह काहा बचा ।
देखता चरता फिरता ,
मन खाली बैठा ,
नया बात बनाया , यथार्थ से मिलाया ,
फिर चुर चूर घूरता ।

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