गुम सा ही गया हूँ!'s image
Share0 Bookmarks 42 Reads1 Likes

बस अब खुद में जीने लगा हूँ

नये नये शौक़ पालने लगा हूँ,



हर रोज़ नये ख़यालात टटोलते हैं मेरे हिज़्र को यूँ

कि बस खुद में कहीं गुम सा ही गया हूँ।



- गजेन्द्र सिंह (अलिख)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts