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वो धर्म की याद दिलाता रहा,

Ankit palAnkit pal July 20, 2022
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वो धर्म की याद दिलाता रहा, 
देश को हिन्दू मुस्लमान बताता रहा, 
भाई भाई के नारे को दुश्मन बना के लडाता रहा,
हिंदू खतरे की कहानी सुनाता रहा, 
राम रहीम के जैसे अंध भक्तो की लड़ी बड़ाता रहा, 
लोकतांत्रिक ढंग की धज्जियां उड़ाता रहा, 
बाक्लोल की तरह बाते बनाता रहा, 
राफेल और नोट बंदी, जीओ इंस्टीटयूट सिर्फ अम्बानी के कहने पर लाता रहा,
पॉलिटिकल फंडिंग जबर्दस्त पाता रहा,
देश की इकॉनमी गिराता रहा, 
वो खुद को फकीर बताता रहा, 
अपने कुर्सी के चक्कर मैं, 
Cbi, rbi, lic, bsnl की जमकर बजाता रहा,
क्या कर लियातुमने लोकतांत्रिक ढांचे का वो सबको नचाता रहा,
सत्ता मैं बैठकर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरता रहा,
मैं भी वही करउगा कांग्रेस ने जो किया, 
इस बात बार हर प्रश्‍न का उत्तर बताता रहा, 
गलतियों पर गलतियां कर रहा है वो,
अंध भक्तो के साथ अंधी लड़ाई लड़ रहा है वो, 
जहर इतना भर रहा है कि विकास के नाम पर सिर्फ नाम बदल रहा है वो, 
आलम ये है कि बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ चिल्लाते हैं, 
खुद इनके मंत्री जब फस जाते हैं तो, fir भी लिखाना मुस्किल कर जाते हैं, 
बड़े घरो के जमकर सिस झुकाते हैं,
लकिन दूसरो को देश भक्ति का पाठ पढ़ाते हैं,
निजीकरण पर इतना जोर दिखाते हैं लाल किला भी बेच आते हैं, 
आता नहीं भारत को सभलाना तो क्यू मुह उठाकर खड़े हो जाते हैं,
अकड़े इतने बड़े है इनके पर रोजगार नहीं, 
शिक्षा मंत्री भी ऐसा चुना जो खुद समजदार नहीं, 
ऐसा लगता जैसा चुनावों और विदेशी दोरो के लिए सरकार मैं आते हैं, 

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