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मेरे दिल का शहर।

Aditya shuklaAditya shukla November 9, 2021
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इतनी हलचल में भी अंजान है, दिल क्यूं ये मेरा परेशान है।

इतने लोग मिले मुझे इस शहर में, मेरा शहर फिर भी उसके लिए वीरान है।

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