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पहाड़ों के आंसू

DURGESH CHOUHANDURGESH CHOUHAN April 18, 2022
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वो कहते हैं 
"पत्थर" रोया नहीं करतें,

शायद 
उन लोगों ने,

पहाड़ों से बहते 
"झरने" नहीं देखें,

और उन बहती धाराओं से 
कटते "रस्ते" नहीं देखें,

ये नदियां यूंही नहीं
समुंदर को "खारा" करती,

शायद तुमने भी कभी 
समुंदर में पहाड़ों के "आंसू" नहीं देखें,

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