तेरा शहर...'s image
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जब भी उनके शहर से गुजरने लगा हूँ

फ़िज़ाओं में ख़ुशबू महसूस करने लगा हूँ 

रात और भी ख़ूबसूरत लगती है उनके शहर की

अब अपने शहर में सन्नाटा महसूस करने लगा हूँ 

वैसे तो अपने शहर की खबरों से वाबस्ता नहीं

पर तेरे शहर का अख़बार पढ़ने लगा हूँ 

तेरे शहर में आया तो था एक मुसाफ़िर की तरह

अब तेरे शहर में आशियाना बुनने लगा हूँ 

चाँद तो मेरे शहर में भी निकलता है

पर तेरे शहर के चाँद से मोहब्बत करने लगा हूँ..!!


#तुष्य

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