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सुकून-ए-यार...

Dr. SandeepDr. Sandeep November 7, 2021
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बहुत सुकून मिलता है जब तुमसे बात होती है

कुछ देर के लिए ही सही पर मुलाक़ात होती है..


बिन बात के ही रूठने की आदत है तुम्हारी

मुझे तुम्हें मनाने की इबादात दिन-रात होती है..


इश्क़ क्या होता है ये तुम्हें वक़्त सीखा देगा

क्योंकि जब मोहब्बत होती है तो बेहिसाब होती है..


भले ही तुम दूर हो लेकिन दिल से पास हो मेरे

तुम्हारी यादों में चाँद तारों से मुनाजात होती है..


जिस दिन दीदार देने तुम छत पर चली आती हो

वो एक पल मेरे लिए पूरी कायनात होती है..



जो एतिराफ़-ए-मोहब्बत एक अदा पर ही हो जाए

असल में वो महबूबा के आंखो की करामात होती है..!!

#तुष्य

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