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नज़्म-ए-ज़िंदगी: हम सब की कहानी है...

Dr. SandeepDr. Sandeep November 6, 2021
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हर आग़ाज़-ए-सफ़र की एक नई कहानी है..

हक़ीक़त-ए-ज़िंदगी मुझ मुसाफ़िर की जुबानी है..

रह-ए-मंज़िल में निकले हर राहगीर की बयानी है..

किस्सा-ए-उल्फ़त है ये जो हर शख़्स ने सुनानी है..

दर्द-ए-दिल है ये जो हर आशिक को उठानी है..

ग़म-ओ-रंज है ये जो हर ग़मगीन ने बतानी है..

दाग़-ए-मोहब्बत है ये जो दो बिछड़ों को भुलानी है..

फ़रेब-ए-इश्क़ है ये जो हर बेवफ़ा की निशानी है..

दर्द-ए-ग़म है ये जो हर मज़बूर को बितानी है..

नज़्म-ए-ज़िंदगी है ये जो हर शायर को सुनानी है..

ज़िंदगी और कुछ भी नहीं हम सब की कहानी है..!!

#तुष्य


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